भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। Retired न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की निगरानी में इस दिशा में काम चल रहा है।
न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, जो सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश हैं, UCC कमिटी की प्रमुख भूमिका में हैं। उनकी देखरेख में मध्य प्रदेश सरकार UCC को लागू करने के लिए कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं पर काम कर रही है।

न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कौन हैं?
रंजना प्रकाश देसाई भारत की प्रमुख महिला न्यायाधीशों में से एक हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर फैसला सुनाया है। UCC संबंधी मुद्दों पर उनकी निगरानी में मध्य प्रदेश में विशेष कमिटी गठित की गई है, जो विभिन्न समुदायों से सुझाव लेकर एक समान सिविल कोड तैयार कर रही है।
UCC क्या है?
Uniform Civil Code (UCC) का अर्थ है देश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना और संपत्ति संबंधी एक समान कानून लागू करना, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय के हों। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं।
मध्य प्रदेश सरकार का मानना है कि UCC लागू होने से महिलाओं को ज्यादा अधिकार मिलेंगे, समानता बढ़ेगी और राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी।
तैयारियां और प्रभाव
राज्य सरकार UCC को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा और बैठकें कर रही है। न्यायमूर्ति देसाई की अगुवाई वाली कमिटी रिपोर्ट तैयार करने के अंतिम चरण में है। यदि लागू हुआ तो मध्य प्रदेश UCC लागू करने वाला प्रमुख राज्य बन जाएगा।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में चर्चा तेज है। कुछ इसे स्वागत योग्य कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ संगठन इसमें धार्मिक स्वतंत्रता पर असर पड़ने की आशंका जता रहे हैं।
आगे क्या?
माना जा रहा है कि जल्द ही UCC संबंधी ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा और विधानसभा में पेश किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में UCC लागू होने पर यह पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगा।
हम इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लगातार अपडेट देते रहेंगे।

















































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