चंडीगढ़, 28 जून 2026: हरियाणा में सरकारी फंड्स के गबन का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-32 शाखा और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े इस मामले में करीब 661 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। CBI की जांच में कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) समेत विभिन्न विभागों के खातों से पैसे शेल कंपनियों के जरिए निकाले गए। HSPCB के खाते से ही करीब 169 करोड़ रुपये की अनियमितता पाई गई है।
निलंबित IAS प्रदीप डागर रिटायरमेंट से पहले फरार
मामले में निलंबित IAS अधिकारी प्रदीप डागर रिटायरमेंट से महज चार दिन पहले फरार हो गए, जिससे जांच और गहराई से जुड़ी है।
CBI की बड़ी कार्रवाई
CBI ने अब तक दो IAS अधिकारियों पंकज अग्रवाल और आरके सिंह को गिरफ्तार किया है। एक IFS अधिकारी भी पकड़ा गया है। हाल ही में CBI ने चंडीगढ़, पंचकुला और दिल्ली-NCR में छह ठिकानों पर छापेमारी की।
व्हाट्सएप चैट में 2 करोड़ नकद का जिक्र
जांच के दौरान एक व्हाट्सएप चैट सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर एक IAS अधिकारी की गाड़ी में 2 करोड़ रुपये नकद रखने की बात कही गई है। इस डिजिटल सबूत की फॉरेंसिक जांच चल रही है।
CBI और ED दोनों एजेंसियां इस घोटाले में वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों और अधिकारियों की मिलीभगत की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
661 करोड़ के हरियाणा घोटाले में CBI का शिकंजा कसा, पंकज अग्रवाल समेत कई IAS अधिकारी गिरफ्तार
हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से 661 करोड़ रुपये के गबन का मामला लगातार गहराता जा रहा है। CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के जरिए सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया।
CBI के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच HSSPP, HSAMB और अन्य विभागों के खातों से फर्जी ट्रांजेक्शंस के जरिए पैसे शेल कंपनियों में ट्रांसफर किए गए। इस घोटाले का मास्टरमाइंड बैंक का पूर्व ब्रांच मैनेजर बताया जा रहा है।
IAS पंकज अग्रवाल गिरफ्तार और सस्पेंड
CBI ने हाल ही में वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया, जिन्हें हरियाणा सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। उन पर स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग से जुड़े खातों से 60 करोड़ रुपये से अधिक गबन का आरोप है। इससे पहले आरके सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
ED भी सक्रिय
प्रवर्तन निदेशालय (ED) फंड्स की ट्रेसिंग और शेल कंपनियों की जांच कर रहा है। CBI ने कम से कम सात IAS अधिकारियों की भूमिका की जांच की अनुमति मांगी है।
प्रशासनिक हलचल
यह घोटाला हरियाणा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा रहा है। अधिकारियों के घरों पर छापेमारी और व्हाट्सएप चैट जैसे सबूतों ने मामले को नया मोड़ दिया है।
सरकार और जांच एजेंसियां इस मामले को पूरी पारदर्शिता के साथ निपटाने का दावा कर रही हैं, लेकिन विपक्ष ने इसमें बड़े स्तर पर साजिश की आशंका जताई है।
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