नई दिल्ली/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सालों पहले देश को आश्वासन दिया था — “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” और परिवारवाद को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
लेकिन विपक्षी दलों और कुछ स्वतंत्र आवाजों का आरोप है कि भाजपा अब कांग्रेस की राह पर चल रही है। सत्ता के नशे में कई नेता भ्रष्टाचार के पर्याय बनते जा रहे हैं। खासकर मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर विकास के नाम पर
एकाधिकार का आरोप लग रहा है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में विधायकों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई विधायक बस संचालन, रेत खनन और मुरम सप्लाई के घोटालों में लिप्त हैं। इन गतिविधियों से केवल उनके निजी घर भर रहे हैं, जबकि राज्य का विकास रुका हुआ है।
जनता पूछ रही है कि आखिर जनता के टैक्स का पैसा कहां जा रहा है?
राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे की कथित चोरी का मामला भी सामने आया है। भगवान राम के भक्तों का विश्वास टूटने लगा है। जहां एक तरफ मंदिर निर्माण को राष्ट्रीय गौरव बताया जाता है, वहीं चढ़ावे के दुरुपयोग के आरोप भाजपा शासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
इसी बीच परीक्षा घोटालों ने युवाओं को झकझोर दिया है। NEET पेपर लीक ने मेडिकल के सपने देख रहे लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय कर दिया।
महाराष्ट्र में TET पेपर लीक भी इसी श्रृंखला की कड़ी है। विपक्ष का कहना है कि इन घोटालों में बड़े अधिकारियों और राजनीतिक लोगों की मिलीभगत है, लेकिन सरकार केवल आम जनता को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। “कांग्रेस जैसी भाजपा” का नारा अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता लंबे समय तक एक ही पार्टी के पास रहने से भ्रष्टाचार बढ़ता है। मोदी सरकार के शुरुआती दिनों में भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना दिखाया गया था, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही नजर आ रही है।
मध्य प्रदेश में परिवार के सदस्यों को महत्वपूर्ण पदों और परियोजनाओं में तरजीह दिए जाने के आरोप भी लग रहे हैं। रेत और मुरम माफिया पर काबू न होने के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।
जनता अब बदलाव की मांग कर रही है। सोशल मीडिया पर #BJPCorruption और #MPScam जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियां इन मुद्दों को लेकर संसद और सड़कों पर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। क्या भाजपा इन आरोपों का जवाब दे पाएगी या कांग्रेस की तरह सत्ता के नशे में डूबती जाएगी?
यह समय सच्चाई की परीक्षा का है। अगर आरोप सही साबित हुए तो न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश की राजनीति प्रभावित होगी। आम आदमी अब भ्रष्टाचार मुक्त शासन की उम्मीद कर रहा है, न कि सिर्फ नारों की।



















































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