दिल्ली: आम आदमी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर महल जैसी विलासिता का आरोप लगाने वाली भाजपा की दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अब खुद टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदी गई लग्जरी ऑफिस चेयर पर नजर आ रही हैं।

तस्वीर में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक हाई-एंड, मल्टी-फीचर वाली चमड़े की एक्जीक्यूटिव चेयर पर आराम से बैठी हुई हैं। यह चेयर सामान्य ऑफिस कुर्सी नहीं बल्कि लाखों रुपये कीमत वाली लग्जरी चेयर है, जिसमें मोटराइज्ड एडजस्टमेंट, हेडरेस्ट और प्रीमियम फिनिशिंग है।
भाजपा ने पिछले कई वर्षों तक केजरीवाल सरकार पर सरकारी बंगलों में विलासिता और टैक्सपेयर्स के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा की अपनी मुख्यमंत्री के कार्यालय में इस तरह की महंगी कुर्सी का इस्तेमाल विपक्ष के लिए नया मुद्दा बन गया है।
विपक्ष का हमला:
आम आदमी पार्टी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कहा है कि “भाजपा की दोहरी नीति एक बार फिर उजागर हो गई है। जब वे विपक्ष में थे तो केजरीवाल पर महल का आरोप लगाते थे, अब खुद टैक्सपेयर्स के पैसे से लग्जरी का आनंद ले रहे हैं।”
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सरकारी खर्च पर लग्जरी फर्नीचर की खरीदारी को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उचित स्तर की सुविधा होनी चाहिए, लेकिन अनावश्यक विलासिता टैक्सपेयर्स के प्रति अन्याय है।
यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आपकी राय क्या है?
क्या सरकारी अधिकारियों को इतनी महंगी कुर्सियों का इस्तेमाल करना उचित है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।
आम आदमी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर महल जैसी विलासिता का आरोप लगाने वाली भाजपा की दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अब खुद टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदी गई लग्जरी ऑफिस चेयर पर नजर आ रही हैं।
तस्वीर में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक हाई-एंड, मल्टी-फीचर वाली चमड़े की एक्जीक्यूटिव चेयर पर आराम से बैठी हुई हैं। यह चेयर सामान्य ऑफिस कुर्सी नहीं बल्कि लाखों रुपये कीमत वाली लग्जरी चेयर है, जिसमें मोटराइज्ड एडजस्टमेंट, हेडरेस्ट और प्रीमियम फिनिशिंग है।
भाजपा ने पिछले कई वर्षों तक केजरीवाल सरकार पर सरकारी बंगलों में विलासिता और टैक्सपेयर्स के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा की अपनी मुख्यमंत्री के कार्यालय में इस तरह की महंगी कुर्सी का इस्तेमाल विपक्ष के लिए नया मुद्दा बन गया है।
विपक्ष का हमला:
आम आदमी पार्टी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कहा है कि “भाजपा की दोहरी नीति एक बार फिर उजागर हो गई है। जब वे विपक्ष में थे तो केजरीवाल पर महल का आरोप लगाते थे, अब खुद टैक्सपेयर्स के पैसे से लग्जरी का आनंद ले रहे हैं।”
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सरकारी खर्च पर लग्जरी फर्नीचर की खरीदारी को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उचित स्तर की सुविधा होनी चाहिए, लेकिन अनावश्यक विलासिता टैक्सपेयर्स के प्रति अन्याय है।
यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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