ईरान में सत्ता संकट गहराया: अंतरिम सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह आराफी की हवाई हमले में मौत, महज घंटों बाद ही दावा—अनिश्चितता का दौर शुरू…See More

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तेहरान/नई दिल्ली (2 मार्च 2026): ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के महज एक दिन बाद अब अंतरिम नेतृत्व को भी बड़ा झटका लगा है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, नव नियुक्त अंतरिम सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली रजा आराफी को अमेरिका-इज़रायल के हवाई हमले में मार दिया गया। यह घटना उनके पदभार संभालने के केवल कुछ घंटों बाद हुई, जिससे दुनिया भर के पर्यवेक्षकों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, ईरानी राज्य मीडिया से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरें और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि की जा रही है।
क्या हुआ हमले में?
खामेनेई की 28 फरवरी को मौत के बाद 1 मार्च को आराफी को अंतरिम परिषद का प्रमुख बनाया गया था। वे गार्जियन काउंसिल के प्रतिनिधि के रूप में चुने गए थे और ईरान की अस्थिर स्थिति को संभालने की जिम्मेदारी मिली थी। रिपोर्ट्स (टाइम्स नाउ, डेक्कन क्रॉनिकल आदि) के अनुसार, तेहरान के एक सुरक्षित ठिकाने पर हुए हवाई हमले में आराफी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। यह हमला US-IDF के व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें अब तक 555 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने हमलों में बढ़ती मौतों की पुष्टि की है।
सत्ता परिवर्तन में ट्रेजडी
यह घटना ईरान के नेतृत्व परिवर्तन को और जटिल बना रही है। खामेनेई की मौत के बाद असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को नया सुप्रीम लीडर चुनना था, लेकिन अब अंतरिम व्यवस्था भी धराशायी हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ का हिस्सा लगता है, जो ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली की कमजोरी उजागर करता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे ‘इतिहास का एक दिन में बदलाव’ बता रहे हैं—जहां खुशी और शोक के प्रदर्शन साथ-साथ हो रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अन्य परिषद सदस्य अब सत्ता संभाल रहे हैं, लेकिन बदले की धमकी के बीच तनाव चरम पर है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ‘न्यायपूर्ण कार्रवाई’ बताया, जबकि इज़रायल ने हमलों को जारी रखने की बात कही। भारत में भी ईरानी दूतावास के बाहर शिया समुदाय के प्रदर्शन हो रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह पश्चिम एशिया में युद्ध को और भयावह बना सकता है। ईरान ने 40 दिनों का शोक बढ़ाकर 60 दिनों का घोषित करने की बात कही है।
स्थिति तेजी से बदल रही है। आधिकारिक बयान का इंतजार है। क्या यह ईरान के पतन का संकेत है या नई क्रांति का आगाज? अपडेट्स के लिए बने रहें। #IranCrisis #ArafiDeath #USIsraelStrikes

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