ग्वालियर को मिली बड़ी सौगात! 100 ई-बसें दौड़ेंगी सड़कों पर, 10 रूट तय – मई-जून से शुरू, यात्रियों को मिलेंगी ये नई सुविधाएं***See More and Follow Us

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ग्वालियर (मध्य प्रदेश): शहर के सार्वजनिक परिवहन को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की **पीएम-ई बस सेवा** के तहत ग्वालियर को 100 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने वाली है। डिपो के निर्माण कार्य पूरा होते ही ये बसें शहर की सड़कों पर दौड़ना शुरू कर देंगी।

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नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बसों को **इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS)** और **पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS)** से लैस किया जाएगा। इससे हर बस की गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी। बसों में स्पीकर सिस्टम भी होगा, जिससे आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से ड्राइवर और कंडक्टर को सीधे निर्देश दिए जा सकेंगे।

**पहले चरण में 60 बसें, दूसरे में 40** 
कुल 100 बसें 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी। पहले चरण में 60 बसें और दूसरे चरण में 40 बसें शहर में आएंगी। इनका संचालन जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो से होगा। यहीं चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किए जा रहे हैं। एक बार चार्ज होने पर ये बसें लगभग **180 किलोमीटर** तक चल सकेंगी।

**10 रूट फाइनल, नागरिकों से सुझाव लिए** 
शहर में बस सेवा के लिए **10 रूट** पूरी तरह तय कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण किया और स्थानीय नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसें आते ही इन्हीं रूटों पर नियमित सेवा शुरू हो जाएगी।

**आधुनिक सुविधाओं से लैस बसें** 
यात्रियों को इन बसों में कई नई सुविधाएं मिलेंगी: 
– सीसीटीवी कैमरे 
– पैनिक बटन 
– डिजिटल डिस्प्ले 
– पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (बस जिस इलाके से गुजरेगी, उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी) 

ये बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी और शहर के प्रदूषण को कम करने में बड़ा योगदान देंगी।

**15.50 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे डिपो** 
रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए करीब **15.50 करोड़ रुपये** खर्च किए जा रहे हैं। चार्जिंग स्टेशन का काम जल्द पूरा होने वाला है। हालांकि कुछ देरी के कारण बस सेवा **मई-जून 2026** तक शुरू होने की उम्मीद है।

**खर्च का बंटवारा** 
बस संचालन के लिए एजेंसी को प्रति किलोमीटर **58.14 रुपये** दिए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार **22 रुपये** प्रति किलोमीटर देगी, जबकि बाकी राशि नगर निगम वहन करेगा। निगम को उम्मीद है कि टिकट कलेक्शन से यह खर्च आसानी से निकल आएगा।

नोडल अधिकारी मुनीष सिकरवार ने बताया कि धार के पीथमपुर में बसों का निरीक्षण किया जा चुका है और बसें तैयार हैं। चार्जिंग स्टेशन के काम पूरा होते ही ग्वालियर में ई-बस सेवा शुरू हो जाएगी।

**ग्वालियर वासियों के लिए खुशखबरी!** 
यह पहल न सिर्फ यातायात को आसान बनाएगी बल्कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बसें शुरू होते ही नागरिकों को आरामदायक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल सफर का नया अनुभव मिलेगा।

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