छत्तीसगढ़ में अफीम खेती कांड पर सियासी बवाल! पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पुलिस-इंटेलिजेंस फेलियर और सरकार की मिलीभगत का आरोप लगाया। दुर्ग और बलरामपुर के मामले में पूरी खबर पढ़ें।

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती का मामला अब खुलकर सियासी रंग ले चुका है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के फार्महाउस पर करीब 5-10 एकड़ में अफीम उगाए जाने का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने हमलावर मुद्रा अपनाई है।
पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस-इंटेलिजेंस और राजस्व विभाग को पूरी तरह फेल बताते हुए मिलीभगत का संदेह जताया। साहू ने कहा, “किसी विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी, यह कैसे संभव है? पुलिस की कार्रवाई जिस तरह होनी चाहिए थी, वैसी नहीं हुई। सिर्फ लीपापोती की जा रही है।”
**सरपंच की सूचना पर भी देरी**
साहू ने खुलासा किया कि 3 मार्च को ही गांववालों को अफीम खेती की जानकारी मिल चुकी थी। 5 मार्च को समोदा के सरपंच ने पुलिस को फोटो भेजकर सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 6 मार्च को लोकायुक्त ब्यूरो (LIB) को सूचना देने के बाद ही एक्शन शुरू हुआ। पूर्व मंत्री ने आशंका जताई कि मुख्य आरोपी श्रवण विश्नोई और अचलाराम जाट को पहले से अलर्ट कर दिया गया होगा, जिससे वे फरार हो गए।
उन्होंने बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में भी अफीम खेती पकड़े जाने का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, “अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो छत्तीसगढ़ नशे का गढ़ बन जाएगा।” साहू ने गृह मंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
**‘अफीम के रखवाले’ अभियान तेज**
कांग्रेस ने इस पूरे कांड को लेकर ‘अफीम के रखवाले’ नाम से व्यंग्यात्मक अभियान शुरू कर दिया है। पोस्टर में अफीम के खेतों में राजनेताओं और अधिकारियों को ‘रखवाले’ के रूप में दिखाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर सरकार पर हमला बोला और कहा कि भाजपा नेता को बचाने के लिए पूरा गृह विभाग लगा हुआ है।
**मामले की पृष्ठभूमि**
दुर्ग के समोदा गांव में पकड़ी गई अफीम की अनुमानित कीमत 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकार समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया। भाजपा ने आरोपी को पार्टी से निलंबित कर दिया है। इसी तरह बलरामपुर में भी जंगलों में बड़ी खेती का पता चला है।
**भाजपा का पलटवार**
भाजपा का कहना है कि यह खेती पिछली कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई थी और वर्तमान सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पार्टी ने इसे पुरानी साजिश बताया।
**विधानसभा में हंगामा**
यह मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी गरमाया हुआ है। कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ने सरपंच की सूचना पर तुरंत एक्शन लिया होता तो आरोपी पकड़े जा सकते थे।
ताम्रध्वज साहू ने दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। पूरा प्रदेश अब इस कांड पर नजर टिकाए हुए है।
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